Back
Home » Business
पीएम किसान : बीजेपी विरोधी ये राज्य माना, अब बंटेगा पैसा
Good Returns | 23rd Oct, 2019 06:26 AM
  • दिल्ली के 11,000 किसानों के नाम भेजे गए

    दिल्ली सरकार ने पीएम किसान योजना को लागू करने के साथ ही 11000 किसानों के नाम केन्द्र को भेज दिए हैं। इस स्कीम के प्रभारी और कृषि मंत्रालय में ज्वाइंट सेक्रेटरी विवेक अग्रवाल के अनुसार दिल्ली सरकार इस स्कीम को लागू करने पर सहमत है। उसने 11,000 किसानों के नाम पीएम किसान योजना के तहत भेज दिए हैं। उन्होंने बताया कि कृषि मंत्रालय पीएम किसान योजना का पैसा ट्रांसफर करने के लिए राज्य सरकार की ऑटो-डेबिट मंजूरी का इंतजार कर रही है।


  • बंगाल के किसान नहीं पा रहे फायदा

    विवेक अग्रवाल के अनुसार पूरे देश के किसान इस स्कीम से जुड़े रहे हैं और 6000 रुपये वार्षिक का लाभ ले रहे हैं। उनके अनुसार पश्चिम बंगाल से भी कई किसानों के आवेदन मिले हैं, लेकिन राज्य सरकार ने इस योजना के लिए मंजूरी नहीं दी है, इसलिए उन आवेदनों को प्रॉसेस नहीं किया जा सका है।


  • अभी तक 7 करोड़ किसानों को मिला है फायदा

    इसी साल फरवरी में पीएम किसान योजना को लागू किया गया था। उस वक्त बताया गया था कि इस योजना का लाभ करीब 14 करोड़ किसानों को मिलेगा। लेकिन अभी तक करीब 7 करोड़ किसानों को ही इस योजना का लाभ मिला है। इस योजना के तहत 2000 रुपये की तीन किस्त में साल में साल के दौरान पैसा दिया जाता है। अभी तक करीब 7 करोड़ किसानों को पीएम किसान योजना के तहत 32,000 करोड़ रुपये से ज्यादा दिया जा चुका है।

    यह भी पढ़ें : PM Kisan पैसा न मिला हो तो इस हेल्पलाइन नंबर पर बताएं, तुरंत मिलेगा




नई दिल्ली। मोदी सरकार की पीएम किसान योजना का शुरू से विरोध करने वाली दिल्ली की आप सरकार ने अचानक विधान सभा चुनाव के पहले अब स्कीम का फायदा अपने राज्य के किसानों को देने का किया है। केजरीवाल सरकार ने केंद्र सरकार की स्कीम प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि को लागू करने के लिए मंजूरी दे दी है। अब प्रत्येक पात्र किसान को 6,000 रुपये की राशि मिल सकेगी।

फरवरी में लागू की गई थी पीएम किसान योजना

केंद्र की मोदी सरकार ने पीएम किसान योजना को फरवरी में लोकसभा चुनाव से पहले घोषित किया था। इस योजना के तहत केंद्र सरकार तीन बार में 6000 रुपये सीधे किसानों के बैंक खातों में डालती है। अभी तक इस स्कीम का फायदा देश के करीब 7 करोड़ किसान ले चुके हैं। लेकिन पश्चिम बंगाल और दिल्ली सरकार की सरकार ने इस स्कीम का विरोध किया था। लेकिन दिल्ली की आप सरकार के आज के फैसले के बाद अब केवल पश्चिम बंगाल की सरकार ही बची है, जो अपने प्रदेश के किसानों को इस स्कीम का फायदा नहीं दे रही है।

   
 
स्वास्थ्य