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जम्‍मू-कश्‍मीर, लद्दाख के कर्मचारियों को मिलेगी 7वें वेतन आयोग के अनुरूप सैलरी
Good Returns | 22nd Oct, 2019 05:05 PM

जम्‍मू-कश्‍मीर और लद्दाख के सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। जी हां केंद्र सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू एवं कश्‍मीर और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के सरकारी कर्मचारियों को दिवाली का उपहार 7 वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी देकर दिया है। उल्‍लेखनीय है कि 31 अक्‍टूबर, 2019 से जम्‍मू-कश्‍मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश बन जाएंगे।

केंद्र सरकार ने नए बनने वाले केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्‍मीर और लद्दाख के सरकारी कर्मचारियों को 7 वें केंद्रीय वेतन आयोग के अनुसार भुगतान देने के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है। अब इन दोनों केंद्र शासित प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को 7 वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिश के अनुसार वेतन व भत्‍ते मिलेंगे।

गृह मंत्री अमित शाह ने 7 वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप जम्मू-कश्‍मीर और लद्दाख के सरकारी कर्मचारियों को वेतन देने के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है। सरकार का मानना ​​है कि इस कदम से कश्‍मीरियों को मुख्‍य धारा में लाने में काफी मदद मिलेगी।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। इस कदम से 4.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को फायदा होगा, जो वर्तमान में जम्मू और कश्मीर सरकार के तहत काम कर रहे हैं। सरकार ने कहा है कि 31 अक्‍टूबर, 2019 से यह सभी कर्मचारी केंद्र शासित प्रदेश जम्‍मू-कश्‍मीर और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के कर्मचारी बन जाएंगे।

आपको बता दें कि 4.5 लाख कर्मचारियों को 7 वें वेतन आयोग के मुताबिक वेतन देने से सरकारी खजाने पर 4800 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। अब इन सभी कर्मचारियों को चिल्ड्रन एजुकेशन अलाउंस, हॉस्‍टल अलाउंस, ट्रांसपोर्ट अलाउंस, एलटीसी, फिक्‍स्‍ड मेडीकल अलाउंस और अन्य लाभ मिल सकेंगे।

तो वहीं सरकारी आदेश में कहा गया है कि चिल्ड्रन एजूकेशन अलाउंस में 607 करोड़ रुपये, हॉस्टल अलाउंस में 1823 करोड़ रुपये, ट्रांसपोर्ट अलाउंस, लीव ट्रैवल कनसेंशन (एलटीसी) और फिक्‍स्‍ड मेडीकल अलाउंस में क्रमशः 1200 करोड़, 1000 करोड़ और 108 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अन्य भत्‍तों पर 62 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

   
 
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